हवा रुक गयी तो भी क्या गम,
उनकी खुशबु फिजाओं में है!!
हज़ार उलझाने होंगी, मगर,
एक तस्वीर तेरी यादों में है!!
मोहब्बत नहीं है आसान सफ़र,
ये बड़े मुश्किल इम्तिहानों में है!!
खामोशियों को ना बेवफाई जानो,
बात वो सुनो जो निगाहों में है!!
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at 5:34 AM
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